चावल के 6 मिथक और उनके सच |6 Rice Myths You Should Never Believe

चावल के 6 मिथक जिन पर आपको कभी विश्वास नहीं करना चाहिए|

चावल सुनते ही दिमाग में खिचड़ी, बिरयानी, पुलाव, खीर, तहरी आदि चावल से बनाये जाने वाले लज़ीज़ व्यंजन घूमने लगते है।चावल वर्षों से हमारे भारतीय भोजन का एक अहम् हिस्सा है। विभिन्न प्रकार के चावल से बने व्यंजन हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग हैं। भारतीय भोजन की थाली चावल के बिना अधूरी होती है। चावल दुनिया के लगभग हर कोने में अलग रंग और रूप में पाया जाता है, इसके साथ ही  अलग-अलग प्रकार से खाया जाता है। चावल को उसके दानो की लम्बाई व् मोटाई के अनुसार अलग नामो से जाना जाता। इसमें में कई ज़रूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।

चावल से जुडी कई तरह भ्रांतियां जैसे पकाने का तरीका, खाने का समय, खाने से होने वाले परिणाम आदि प्रचलित है। इन्ही भ्रांतियों के चलते आज बहुत से लोग चावल को रोज़ाना ख़ुराक में शामिल करने में कतराते हैं। इस ब्लॉग के द्वारा यह प्रयास किया गया है कि उन भ्रांतियों को दूर किया जाये।

सबसे पहले जानते हैं …

चावल के प्रकार (रंग के आधार पर)

सफ़ेद चावल (White Rice or Regular Rice)

सफ़ेद चावल को भूसी, चोकर साफ़ और पॉलिश कर तैयार किया जाता है जिससे ये सफ़ेद रंग के हो जाते हैं और इनमे पोषक तत्व और रेशे (fiber) अन्य चावलों की तुलना में काफी काम हो जाते हैं परन्तु ज़्यादातर लोग सफ़ेद चावल ही खाना पसंद करते हैं।

White Rice सफ़ेद चावल

लाल चावल (Red Rice)

लाल चावल में एंथोसिनिन नाम का बहुत ही पौष्टिक तत्व होता है और फाइबर भी काफी अधिक मात्रा में होते हैं, जिससे यह काफी फायदेमंद होता है। आज कल इसका चलन भोजन में धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

Red Rice लाल चावल

भूरा चावल (Brown Rice)

भूरा चावल सफ़ेद चावल का प्राकृतिक रूप है इस पर से सिर्फ भूसी उतार ली जाती है बाकि इसके सभी पोषक तत्व और रेशे वैसे ही रहते हैं फाइबर (Fiber) की मात्रा काफी अधिक होने से यह काफी पौष्टिक होते हैं।

Brown Rice भूरा चावल

काला चावल (Black Rice)

काला चावल भूरे चावल से भी कही ज़्यादा फायदेमंद होता है इसमें प्रोटीन की मात्रा अन्य चावलों से कही अधिक होती है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट् (Anti-Oxidant) गुण मौजूद होते हैं जो आपकी आयरन (Iron) की कमी को पूरा करते हैं और कई तरह की बीमारीयों से सुरक्षित रखते हैं।

Black Rice काला चावल

बैंगनी चावल (Purple Rice)

बैंगनी चावल में प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है यह हमारे शरीर के ऊतकों (tissue)को हर प्रकार के नुकसान से बचाता है और हमारी मांसपेशियों औरर हड्डियों को मजबूत बनता है। इसमें भी काफी मात्रा में फाइबर होते हैं जो पाचन में सहयोग करते हैं।

Purple Rice पर्पल या बैंगनी चावल

वैसे तो चावल की भारत में ज़्यादातर खायी जाने वाली किस्म सफ़ेद और बासमती है, लेकिन वास्तव में भारत में चावल की 6000 किस्में (variety) पायी जाती हैं और पूरे विश्व में 40,000 चावल की किस्में पायी जाती हैं। चावल का सबसे अधिक उत्पादन चीन और भारत में होता है। भारत चावल के उत्पादन में दूसरे नंबर पर आता है और भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में चावल की पैदावार सबसे अधिक होती है। इसीलिए छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है। चावल के अलग-अलग प्रकार का स्वाद, गुण, और बनाने का तरीका अलग होता है। कई तरीके होते है, परन्तु मुख्य रूप से चावल तीन तरीको से पकाया जाता है…

  1. भाप में (Steaming)
  2. उबालना (Boiling)
  3. पुलाव विधि (Pilaf)

चावल की विभिन्न किस्में आपको जल्दी ही अगला ब्लॉग में बताई जाएँगी…

पके हुए चावल में कौन सा पोषक तत्व होता है?

100 ग्राम उबले सफ़ेद चावल में –

कैलोरी- 130
वसा (फैट)- 0.3 ग्राम
कोलेस्ट्रॉल- 0 मिली ग्राम
सोडियम- 1 मिली ग्राम
पोटैशियम- 35 मिली ग्राम
कार्बोहायड्रेट- 28 ग्राम
शुगर- 0.1 ग्राम
प्रोटीन- 2.7 ग्राम

इनके अलावा विटामिन बी, आयरन, और मैग्नीशियम (Magnesium) भी इसमें कुछ मात्रा में होते हैं। इतने पोषक तत्वों के होते हुए भी आज ज़्यादातर लोग अपने भोजन में चावल को लेकर भ्रमित रहते हैं।

चावल के 6 मिथक और उनके सच| 6 Rice Myths

मिथक 1: चावल से मोटापा होता है

सच: चावल से मोटापा नहीं होतायह मिथक ही शायद कारण है कि आज के ट्रेंडिंग फैड डाइट में चावल का सेवन बिल्कुल भी शामिल नहीं है। वैसे यह सत्य नहीं है। रुजुता दिवेकर चावल को सुरक्षित और स्वस्थ मानते हुए खाने का सुझाव देती है। चावल पचने में आसान होते हैं, वसा में कम होते हैं और कोलेस्ट्रॉल मुक्त भी होते हैं। इसमें कार्ब्स होते हैं और इस प्रकार यह ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत है।

मिथक 2: चावल से गैस होती है

सच: चावल आसानी से पचने योग्य होता है। गौर कीजिएगा की जब भी हम बीमार होते हैं तो चिकित्सक हमें चावल या पतली खिचड़ी खाने को कहते हैं। चावल ग्लूटेन फ्री होता है जो आसानी से पच जाए। इसलिए चावल से गैस नहीं होती।

मिथक 3: चावल में ग्लूटेन होता है

सच: चावल एक ग्लूटेन मुक्त(ग्लूटेन फ्री) अनाज है। तो जिन्हे ग्लूटेन से एलर्जी(सीलिएक रोग) होती है वह भी इसे बिना संकोच अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के चावल में ग्लूटेन नहीं होता है।

मिथक 4: चावल से ब्लड प्रेशर बढ़ता है

सच: ब्लड प्रेशर बढ़ने का एक अहम् कारण है सोडियम की अधिक मात्रा। लेकिन चावल में सोडियम साल्ट नहीं के बराबर होता है। जिससे हाई बीपी(ब्लड प्रेशर) होने का कोई खतरा नहीं होता है। तो अगर आप इस कारण से चावल नहीं खाते, तो अब बेफिक्र होकर खाइये।

मिथक 5: चावल रात में खाने से वज़न बढ़ता है

सच: चावल में कार्बोहायड्रेट होता है। जो की रात में खाये जाने पर तेज़ी से ग्लूकोज़ में बदल जाता है। यह ग्लूकोज़ हमारे खून में जाकर ऊर्जा(एनर्जी) में बदल जाता है। तो रात में चावल खाने किसी भी प्रकार से आपका वज़न नहीं बढ़ता है। बल्कि रात में चावल खाने से इससे मिला पोषण हमें ऊर्जा देता है।

मिथक 6: चावल में प्रोटीन नहीं होता है

सच: चावल में मौजूद पोषक तत्वों में सबसे अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है। चावल के एक कप में 3-4 ग्राम प्रोटीन होता है। और इसमें उपस्थित प्रोटीन की गुणवत्ता दूसरे अनाजों की तुलना में काफी अच्छी होती है। इस वजह से चावल हमारे लिए बहुत फायदेमंद होता है।

आखिर में…

आज आपको हमने चावल से जुड़ी कई भ्रामक बातों और उनके तथ्यों से अवगत करवाया। तो बिना किसी शंका के आप अपने और अपने परिवार जनो के लिए चावल से बने विभिन्न व्यंजन बनाये और सेहत का खज़ाना पाएं।

आप मुझसे YouTube पर food n more with archi के नाम से बने चैनल पर भी जुड़ सकते है। जल्दी मिलते है चावल से जुडी अन्य रोचक जानकारी के साथ, तब तक पढ़ते रहिये सोनम के शब्द …


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