खाना पकाने के लिए सुरक्षित बर्तन| 3 Safe Cookwares

खाना पकाने के लिए सुरक्षित बर्तन कौन से है

खाना पकाने के लिए सुरक्षित बर्तन का होना उतना ही ज़रूरी है, जितना की खाना पकाने में मसालों का सही अनुपात, आंच की सही समझ और खाना पकने में लगने वाले समय का ।

आप किन धातुओं के बर्तनों में खाना पकाते हैं?

क्या आप ख़ाना पकाने के लिए नॉनस्टिक पैन या एल्युमीनियम की कड़ाई का इस्तेमाल कर रहे है?

अगर हाँ, तो आप जाने-अनजाने अपनी और अपने परिवार की सेहत को नुकसान पहुँचा रहे हैं। एल्युमीनियम और नॉनस्टिक बर्तन कई बिमारियों को बढ़ावा देते है, जैसे – थाइरॉड, PCOD, हार्मोनल इम्बैलेंस, हार्ट और किडनी से सम्बंधित बीमारीयाँ; यहाँ तक कि कैंसर भी।बिलकुल, ये दुष्परिणाम तुरंत सामने नहीं आते, पर समय के साथ दिखाई देते है। सोनम के शब्द आज बात करेंगे रसोई में इस्तेमाल होने वाले भोजन पकाने के बर्तनों में कौन से हैं नुक़सानदायक है और इनके सुरक्षित विकल्प क्या है?

आजकल सेहतमंद खाने का महत्व तो सभी लोग समझते है, लेकिन ज़्यादातर लोग ये नहीं जानते कि ख़ाना पकाने में उपयोग होने वाली सामग्री के साथ ही खाना किस बर्तन में ख़ाना पकाया जा रहा है वह भी मत्वपूर्ण है। खाने के पोषक तत्वों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। आप जिस भी बर्तन में खाना पकाते है; उसके अंश आपके खाने में मिल जाते है। आप कितना भी सेहतमंद क्यों ना खा रहे हो, लेकिन अगर आपके खाना पकाने वाले बर्तन ही टॉक्सिक (विषैले) है तो आपको समय के साथ कई बिमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

खाना पकाने के लिए एल्युमीनियम के बर्तन

खाना पकाने के लिए एल्युमीनियम के बर्तन
खाना पकाने के लिए एल्युमीनियम के बर्तन

भारतीय रसोईघर में एल्युमीनियम की कड़ाई और कुकर का उपयोग बहुत ही आम बात है। इसकी कम कीमत और आसान उपलब्धता होने से लगभग हर घर में इसका उपयोग होता आया है। लेकिन एल्युमीनियम के बर्तन ख़ाना पकाने के लिए सुरक्षित नहीं है; क्योंकि एल्युमीनियम के बर्तनो में खाना पकाने पर खाने में एल्युमीनियम का रिसाव होता है, जो समय के साथ शरीर के अंदर जमा होता जाता है। इसलिए देखा जाता है कि लम्बे समय तक इस्तेमाल किये जाने पर एल्युमिनियम के बर्तनों का वजन घट जाता है, ऐसा एल्युमीनियम के रिसाव के कारण होता है। एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना पकाने से वो खाने से आयरन और कैल्शियम जैसे तत्वों को सोख लेता है।

खट्टी चीजों, जैसे टमाटर, दही या अमचूर पाउडर डाल कर पकाने से खाने पर एल्युमीनियम तेजी से रिएक्ट करता है, ये शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। एल्युमीनियम के बर्तनों के इस्तेमाल से थाइरॉड कि समस्या पैदा हो सकती है, साथ ही ये हृदय, गुर्दा, और मस्तिष्क सम्बंधित समस्याएं भी पैदा कर सकता है।

खाना पकाने के लिए नॉनस्टिक बर्तन

खाना पकाने के लिए नॉनस्टिक बर्तन
खाना पकाने के लिए नॉनस्टिक बर्तन

आजकल हर रसोई में नॉनस्टिक बर्तनो का चलन एकदम आम बात हो गयी है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि इन बर्तनों में खाना चिपकता नहीं है और बहुत ही कम तेल या घी में ही खाना पक कर तैयार हो जाता है। साथ ही इन्हे साफ़ करना भी बहुत ही आसान होता है।परंतु क्या आप जानते हैं कि ज़्यादातर नॉनस्टिक बर्तनों पर पॉली टेट्रा फ्लूरो ईथीलीन (POLY-TETRA-FLURO-ETHYLENE) की परत होती है जो की एक प्लास्टिक पॉलीमर होता है, जिसे आम भाषा में टेफलॉन कोटिंग के नाम से जाना जाता है।

जब टेफलॉन कोटिंग गर्म होती है तो उसमे से कुछ हानिकारक रसायन (केमिकल) निकलते है जो सीधा हमारे भोजन में मिल जाते है। ये रसायन लम्बे समय तक शरीर के अंदर जमा होते जाते है। हृदय और मस्तिष्क की कई बिमारियों का कारण यही बनते है। इसलिए नॉनस्टिक कुकवेयर का उपयोग सेहत कि दृष्टि से बिलकुल भी सही नहीं है ।

खाना पकाने के लिए स्टेनलेस स्टील के बर्तन

खाना पकाने के लिए स्टेनलेस स्टील के बर्तन
खाना पकाने के लिए स्टेनलेस स्टील के बर्तन

स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का उपयोग खाना खाने व परोसने के लिए हमेशा से किया जाता रहा है, लेकिन अब खाना पकाने के लिए भी स्टील के बर्तनों के प्रयोग का चलन बढ़ गया है । इसका सबसे बड़ा कारण है कि यह सेहत के लिहाज से काफी सुरक्षित विकल्प है। स्टील के बर्तनों से किसी भी प्रकार के केमिकल का रिसाव नहीं होता जिससे खाने में किसी भी प्रकार के विषैले तत्वों क मिल जाने का खतरा नहीं होता।

स्टेनलेस स्टील के कुकवेयर में आजकल बहुत विकल्प मौजूद है जैसे कड़ाही, प्रेशर कुकर, सॉस पैन, फ्राइंग पैन आदि । आप इन्हे लोकल मार्केट से या ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं । स्टील के कुकवेयर जब भी खरीदें किसी अच्छी कंपनी या ब्रांड का ही खरीदें जिससे ये सालो साल चल सके । ब्रांडेड स्टेनलेस स्टील कुकवेयर वारंटी के साथ आते है, आप जब भी इन्हे खरीदें ब्रांड द्वारा दी जाने वाली गारंटी और वारंटी की ठीक तरह से जांच पड़ताल कर लें । स्टेनलेस स्टील कुकवेयर के ऑनलाइन उपलब्ध कुछ अच्छे विकल्प देखने के लिए  यहाँ देखे।

खाना पकाने के लिए कास्ट आयरन (लोहे) के बर्तन

खाना पकाने के लिए कास्ट आयरन (लोहे) के बर्तन
खाना पकाने के लिए कास्ट आयरन (लोहे) के बर्तन

लोहे की कड़ाई और तवे का उपयोग भारतीय रसोई में पारम्परिक रूप से किया जाता रहा है । नॉनस्टिक के बाजार में आ जाने से इसके इस्तेमाल में थोड़ी कमी ज़रूर आयी थी लेकिन अब यह फिर चलन में है । लोहे की कड़ाई में जब खाना पकाया जाता है तो ऐसे खाने में आयरन की प्रचुर मात्रा होती है ।

लोहे के कड़ाही और पैन सेहत के लिहाज से बेहतरीन विकल्प है । बस इनकी साज संभाल अच्छी तरह से की जाते तो ये सालो साल चलते है। लोहे के बर्तनों में जंग लगने का डर रहता है इससे बचने के लिए हमेशा उपयोग के बाद बर्तनो को तेल से सीजन करके रखा जाता है । लोहे के बर्तन वज़न में अन्य के मुकाबले थोड़े भारी भी होते है ।इनकी सही देखभाल और रख रखाव किया जाये तो इनमे भी खाना नहीं चिपकता है ।

पकाने के लिए कांच के बर्तन

पकाने के लिए कांच के बर्तन
पकाने के लिए कांच के बर्तन

पारम्परिक भारतीय रसोईघर में खाना पकाने के लिया कांच के बर्तनों का इस्तेमाल कम ही किया जाता है । लेकिन अगर आप भी घर पर  बेकिंग करती है तो कांच के बर्तन एल्युमीनियम का एक अच्छा विकल्प है। कांच के बर्तनों में भी खाना पकाते समय किसी भी प्रकार के केमिकल का रिसाव नहीं होता जिससे ये एक सुरक्षित  विकल्प है बेकिंग और माइक्रोवेव कुकिंग के लिए । माइक्रोवेव में कुकिंग या खाना गर्म करते समय भी प्लास्टिक कंटेनर्स का उपयोग नहीं करना चाहिए इनमे भी हानिकारक केमिकल और रंगो का इस्तेमाल किया जाता है।

कांच के कुकवेयर खरीदते समय आप ये ज़रूर ध्यान दे की वो फूडग्रेड और माइक्रोवेव सेफ केटेगरी का ही हो।

खाना पकाने के लिए मिट्टी के बर्तन

खाना पकाने के लिए मिट्टी के बर्तन
खाना पकाने के लिए मिट्टी के बर्तन

मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल खाना पकाने के लिए करना एक बहुत ही बेहतरीन विकल्प है । मिट्टी के बर्तनों में पकाये गए खाने में १००% तक पोषक तत्त्व सुरक्षित रहते है । मिट्टी के बर्तनों में बना खाना न ही सिर्फ हेल्थी होता है बल्कि बहुत ज़्यादा सवदिष्ट भी होता है । मिट्टी के बर्तनो में खाना थोड़ा धीरे पकता है जिससे खाने के पोषक तत्त्व टूटते नहीं है।

आजकल जो मिट्टी के बर्तन बाजार में उपलब्ध है वो दिखने में तो सुन्दर होते ही है साथ ही इस्तेमाल के लिहाज से बहुत सुविधाजनक भी होते है । इनमे प्लास्टिक या मेटल के हैंडल लगे होते है जिससे इस्तेमाल करना और भी आसान हो जाता है। आप मिट्टी के बर्तन लोकल मार्केट से खरीद सकते है और ऑनलाइन भी इसके बहुत विकल्प मौजूद है ।

मिट्टी के बर्तनों को भी पहली बार इस्तेमाल के पहले सीजन करना होता है । मिट्टी के कुकवेयर को इस्तेमाल में थोड़ी सावधानी की ज़रुरत तो होती है लेकिन इसके फायदे भी बहुत ज़्यादा होते है ।

इन सभी विकल्पों के अलावा पारम्परिक रूप से इस्तेमाल होने वाले पीतल और कांसे के बर्तनो का भी इस्तेमाल खाना पकाने के लिए किया जा सकता है। पीतल के बर्तनों को नेचुरल टिन की कलई करके इस्तेमाल किया जाता है ।ये दोनों धातु भी सेहत के लिहाज़ से अच्छा और सुरक्षित विकल्प है । बस इनकी सफाई और देख रेख करना थोड़ा मशक्कत भरा हो सकता है ।

चलते-चलते

तो अब जितना जल्दी हो सके एल्युमीनियम और नॉनस्टिक बर्तनो को अपने किचन से करें बाहर और उनकी जगह ले आएं सुरक्षित और सेहतमंद कुकवेयर जिनसे आप और आपके परिवार की सेहत को किसी तरह का खतरा न हो ।

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