नौकरी की जगह अपने घर को बनाए अपना कार्यस्थल

मिलिए उनसे जिन्होंने नौकरी की जगह अपने घर को बनाया अपना कार्यस्थल

पिछले ब्लॉग नारी के लिए नौकरी और परिवार : बात प्राथमिकता की में बात हुई थी उन महिलाओं की जिन्होंने या तो परिवार के लिए नौकरी छोड़ी, या करी या फिर परिवार और नौकरी में तालमेल बैठाते हुए दोनों को निभाया। उस ब्लॉग पर अपना प्यार देने के लिए शुक्रिया। इस ब्लॉग में बात में करेंगे उन महिलाओं की जिन्होंने घर में रहते हुए अपने हुनर या अपनी डिग्री का उपयोग किया और खोल लिया अपने और परिवार के लिए एक और आय का स्त्रोत। 

इस ब्लॉग को लिखने का उद्देश्य उन महिलाओं को प्रोत्साहित करना है जो कुछ करना तो चाहती है, हुनरमंद भी है और पढ़ी-;लिखी भी पर सही दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रही है। 

मिलते है उनसे जिन्होंने अपने घर को बनाया अपना कार्यस्थल 

अंशुमा जैन 

उम्र- 36 वर्ष 

शिक्षा – MBA-HR

क्या करती है- Human Resource Administrator at Hudson County Community College, New Jersy (USA) इसके साथ ही अंशुमा अपने आर्ट को Beyond.handmade नाम के अंतर्गत प्रदर्शित करती है।

शादी को कितना समय हुआ- 9 वर्ष

कितने बच्चे है- 1 बेटा 

भारतवंशी अंशुमा शादी के बाद पहले सिंगापुर में और अब अमेरिका में बस गयी है। अपने शैक्षणिक डिग्री के दम पर जहाँ अंशुमा ने विदेश में Human Resource Manager के पद पर कई कम्पनीज में काम किया वहीं अपने अंदर के आर्टिस्ट को उन्होंने Beyond.handmade के तहत बाहर लाया है। बचपन से ही कैलीग्राफी, ड्राइंग, पेंटिंग, कढ़ाई में निपुण अंशुमा ने 2019 में Facebook और Instagram पर Beyond.handmade के नाम से एक पेज बनाया है; जिस पर वो Handmade Art, Custom Hand Painted/Hand Embroidered Sneakers, Custom Handmade Gifts, Melted Crayon Paintings, Custom Artwork, Handmade Products, Custom Shoes, Crayon Painting, Artistic Crockery आदि कलात्मक सामान बनाकर बेचती है।

अंशुमा वर्कशॉप्स भी लेती है और अब तक कई बार अपने आर्ट वर्क का एक्सहिबिशन-कम-सेल भी लगा चुकी है। अपने हाथ के हुनर से अंशुमा ने विदेश में भी अपने लिए नाम और दाम दोनों अर्जित करने की राह बना ली। 

अंशुमा आज अपने, परिवार, नौकरी और आर्ट सभी के लिए समय निकाल रही है और उन लोगो के लिए Source of  Inspiration है जो सोचते है शादी के बाद आप अपनी लाइफ नहीं जी सकते या फिर भारत की पढ़ाई विदेशों में काम नहीं आती। यक़ीन मानिये पढ़ाई काम आये या ना आये पर हाथ का हुनर कभी खाली नहीं जायेगा। 

इसीलिए मैं इस ब्लॉग के पाठकों से निवेदन करुँगी की पढ़ाई पर ज़ोर देने के साथ ही अपने बच्चों को कोई हाथ का हुनर ज़रूर सिखाए जिससे वो जहाँ चाहे, जब चाहे, वहाँ अपने लिए नाम और दाम कमा ले। 

मेघना जैन 

 शिक्षा – स्नातक

क्या करती है- YouTube पर Meghna Art Studio नाम से चैनल है 

शादी को कितना समय हुआ- 16 वर्ष

कितने बच्चे है- 1 बेटा 

मेघना पुणे (महाराष्ट्र) में रहती है। वर्ष 2020 में lockdown के पहले तक मेघना अपने घर पर आर्ट क्लासेस लेती थी जिनमें वे पेपर आर्ट वर्क जैसे Paper Quilling, Paper Cutting, Origami, Macrame, के साथ Calligraphy, Crape Paper Flowers Making, Dolls Making जैसे अन्य आर्ट फ़ॉर्म्ज़ सिखाती थी। Lockdown के चलते क्लासेस बंद करनी पड़ी। यही से शुरू हुआ मेघना का YouTube का सफ़र। अब तक उनके चैनल Meghna Art Studio पर 40 से ज़्यादा पेपर आर्ट वर्क के विडीओज़ अपलोड किए जा चुके है; जिन्हें अब तक 20500 से भी ज़्यादा बार देखा जा चुका है। अगर आप भी पेपर क्विलिंग, ऑरिगामी, पेपर डॉल या अन्य पेपर आर्ट फ़ॉर्म्ज़ सीखना चाहते है तो ज़रूर विज़िट करे, सब्स्क्राइब और विडीओज़ को लाइक करे Meghna Art Studio पर।

मेघा पांडेय – मयूरी अजमेरा 

शिक्षा – MBA -HR 

क्या करती है- संस्थापक (फाउंडर) Hyratch Consultancy Pvt Ltd. 

सितंबर 2018 में मेघा और मयूरी ने मिल कर Hyratch Consultancy Pvt Ltd. की स्थापना की। इनकी कंसल्टेंसी भारतीय उद्योग घरानों के साथ- साथ बहुराष्ट्रीय निगमों के लिए विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में कुशल पेशेवर खोजने के लिए सहायता करती है। दोनों ने अपने पूर्व कार्यक्षेत्रों के अनुभवों से सिख कर फ्रीलांस भर्ती विशेषज्ञों (Freelance Recruitment Experts) की एक टीम बनाई है जो कंपनियों को उत्पादक (Productive) और कुशल (Skilled) बनने में मदद करने के लिए बाजार में सबसे अच्छी प्रतिभा (Talent) खोजने के लिए एक साथ काम करते हैं। Recruitment के अलावा ये अन्य HR Services भी देते है जैसे Resume Building, Payroll Outsourcing, Talent Acquisition, Career Consulting आदि। यहाँ ये जानना रोचक होगा की मेघा और मयूरी एक संस्था का संचालन अपने घर से कर रही है और मेघा रायपुर (छत्तीसगढ़) में तो मयूरी इंदौर (मध्य प्रदेश) में रहती है।

अंकिता चौरसिया

उम्र- 32 वर्ष

शिक्षा – MCA, B.Ed.*

क्या करती है- बिज़्नेसवुमन और प्लेस्कूल की संचालिका

शादी को कितना समय हुआ- 12 वर्ष

कितने बच्चे है – 1 बेटा

रायपुर निवासी अंकिता को बहुकार्य शैली में महारत प्राप्त है। अपनी शादी के बाद उन्होंने पहले अपना MCA पूरा किया और फिर शुरू किया अपना बिज़्नेसवुमन बनने का सफ़र। अंकिता अपने घर से ही लेडीज़ कपड़ों, खिलौनो, घरेलू सामान, त्योहारी सामान और आर्टिफ़िशल गहनो का बिज़्नेस करती है। अंकिता लघु उद्योगों से सीधे तौर पर डील कर के उनके सामान को अपने घर से बेचती है. साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सप्प, इंस्टाग्राम, और फेसबुक के जरिये देश के सभी हिस्सों में भी बेचती है। अपनी छोटी सी शुरुआत के लिए अंकिता ने कई बड़े एक्सहिबीशन्स लगाए और सामान बेच कर अपना नाम कमाया।अंकिता ने अपने घर पर एक छोटा सा प्ले स्कूल खोल रखा है जहाँ वे अपने 1.5 साल के शैक्षणिक अनुभव का उपयोग कर के छोटे बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार करती है। 

अर्चना शर्मा 

उम्र- 30 वर्ष

शिक्षा – M.Sc. 

क्या करती है- YouTube पर food n more with archi के नाम से चैनल है 

शादी को कितना समय हुआ- 8 वर्ष

कितने बच्चे है – 1 बेटा

आज YouTuber अर्चना कभी सिर्फ गृहिणी हुआ करती थी। अपने खाना बनाने के शौक को नई पहचान देने के लिए अर्चना ने YouTube पर food n more with archi के नाम से चैनल बनाया और बना लिया अपने Gas Stove को अपना ATM। इस चैनल की विशेषता यह है कि और चैनल्स की तुलना में इस पर ज्यादातर विधियां उन व्यंजनों की होती है जो हम रोज़मर्रा की रसोई में पकाते है। सभी वीडियोस को अर्चना खुद शूट कर के अपनी आवाज़ में पूरी विधी बताती है और साथ में विशेष टिपण्णी भी देती है जिसमें उन व्यंजन से जुडी ख़ास बात या कोई टिप होती है। अर्चना चैनल पर अब तक 300 से ज्यादा रेसिपीज अपलोड कर चुकी है जिन्हे 219700 बार से भी ज्यादा दफा देखा जा चुका है।यदि आपको आसानी से परम्परागत लज़ीज़ व्यंजनों और विदेशी पकवानो को बनाना सीखना है तो ज़रूर विज़िट करे, सब्स्क्राइब और विडीओज़ को लाइक करे food n more with archi पर। 

घर को कार्यस्थल बनाने के फायदे-

  • किसी और की ज़मीन, जगह, या ऑफिस-दुकान को किराए पर या लीज पर लेने के या खरीदने के खर्चे से बच जायेंगे। 
  • घर से काम करने पर आप खुद को, परिवार को और अपने काम को नियोजित समय दे पाएंगे। 
  • आने-जाने का समय बचेगा। 
  • फ्लेक्सिबल schedule होगा। 
  • ट्रैफिक और भीड़ से बचेंगे। 
  • जब चाहे, जैसे चाहे, जहाँ चाहे काम करने की आज़ादी। 

सार यह है कि –

आप चाहे डिग्री के दम पर या हुनर के दम पर आगे बढ़ सकते है; ज़रूरत है बस कुछ करने की हौसले की। उपरोक्त सभी उदहारण इस बात का सबूत है की नाम और दाम कमाने के लिए घर से निकलना ज़रूरी नहीं है। ज़रूरी है अपनी डिग्री और हुनर का सही उपयोग करना आना।फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सप्प, यूट्यूब पर घंटो समय बर्बाद करने से अच्छा है उनका इस्तेमाल हम अपनी प्रतिभा दिखाने और उन्ही से कमाने में दिमाग लगाए। 

ऊपर दिए गए पाँच उदाहरणों में किसी ने अपनी ड्राइंग, पेंटिंग्स घर से बेचीं तो किसी ने पेपर आर्ट घर बैठे सबको सिखाया। घर में ऑफिस भी खोला जा सकता है और बिज़नेस भी किया जा सकता है तो रसोई में प्रतिदिन पकाने की प्रक्रिया को दिलचस्प भी बनाया जा सकता है। अपने सोच के दायरे को बढ़ाइए।मैंने पूरी कोशिश की है विभिन्न क्षेत्रो में घर से अपने हुनर या डिग्री का सही उपयोग कर के अपने लिए नाम और दाम कमाने वाली महिलाओं की जानकारी आप तक साँझा करने की; इसमें कोई भी शंका या जिज्ञासा हो तो कमेंट बॉक्स आपके लिए खुला है। और हाँ आप चाहे तो अपना कोई सवाल इनमें से किसी से भी सीधे तौर पर ब्लॉग पर कमेंट कर के भी पूछ सकते है। 
जल्दी मिलते है अगले ब्लॉग के साथ 


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